5 भारतीय खिलाड़ी, जिन्होंने 2010 के दशक में अपना डेब्यू किया, लेकिन अब चयनकर्ता उनके बारे में सोच भी नहीं रहे
भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में गिनी जाती है। विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में टीम को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद और पहले टीम लगातार अच्छा कर रही थी। 2011 में टीम ने विश्व कप को जीता था। 2010 के दशक में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या से लेकर चहल और कुलदीप जैसे खिलाड़ियों ने भारत के लिए डेब्यू किया। इनके अलावा कुछ ऐसे भी खिलाड़ियों ने डेब्यू किया, जो आज चयनकर्ताओं की सोच से भी बाहर हो चुके हैं। आज हम आपको 5 ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
परवेज रसूल

जम्मू कश्मीर के ऑलराउंडर परवेज रसूल ने 2014 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया था। घरेलू मैचों में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया था। बांग्लादेश के खिलाफ ढ़ाका में उन्होंने अपना पहला मैच खेला था। उस मैच में 10 ओवर की गेंदबाजी में उन्होंने 60 रन देकर 2 विकेट लिया था।
2017 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए पहला टी-20 मैच खेला था। उस मैच में 5 रन बनाने के साथ रसूल ने 4 ओवर में 32 रन देकर 1 विकेट लिया था। इसके बाद उन्हें फिर भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। घरेलू मैचों में वह अभी भी अच्छा कर रहे हैं लेकिन भारतीय टीम में चयन से काफी दूर हो चुके हैं।
सौरभ तिवारी

आईपीएल 2010 में मुंबई इंडियंस के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद सौरभ तिवारी को भारतीय टीम में मौका मिला था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापत्तनम में अपना पहला वनडे मैच खेला था। उनके बाद उन्होंने दो और मैचों में खेलने का मौका मिला। न्यूजीलैंड के खिलाफ बैंग्लोर में उन्होंने नाबाद 37 रन बनाकर यूसुफ पठान का अच्छा साथ निभाया था।
उन्होंने भारत के लिए 3 वनडे खेले और इसकी दो पारियों में बिना आउट हुए 49 रन बनाए थे। इसके बाद भी उन्हें फिर भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। तिवारी उनके बाद आईपीएल में भी कुछ खास नहीं कर पाए हैं। अभी वह झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं। इसके साथ ही आईपीएल 2020 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने खरीदा है।
ऋषि धवन

आईपीएल में मुंबई इंडियंस और फिर हिमाचल प्रदेश के लिए अच्छे प्रदर्शन के बाद ऋषि धवन को भारतीय टीम के लिए डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में वनडे डेब्यू किया था। उस सीरीज में उन्होंने 3 मैच खेला लेकिन उसके बाद वनडे खेलने का मौका नहीं मिला।
उसी साल जिम्बाव्बे के खिलाफ उन्हें टी-20 आई डेब्यू भी किया था। उनका पहला ही मैच अंतिम मैच हो गया। 3 वनडे में उनके नाम 9 रन और एक विकेट है। टी-20 में 1 रन बनाने के साथ ही उन्होंने एक ही विकेट भी लिया है। अभी वह आईपीएल में भी नहीं खेलते हैं। हिमाचल प्रदेश के लिए अभी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन भारतीय टीम में चयन होने से काफी दूर हो चुके हैं।
राहुल शर्मा

आईपीएल 2011 में राहुल शर्मा ने पुणे वॉरियर्स इंडिया के लिए 14 मैचों में 5.46 की इकॉनमी से रन देकर 16 विकेट लिए थे। इसी प्रदर्शन की वजह से उन्हें भारत की टीम में खेलने का मौका मिला। 2011 में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में उन्होंने भारत के लिए पहला वनडे मैच खेला था। इसी मैच में वीरेंद्र सहवाग ने 219 रनों की पारी खेली थी।
2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में राहुल ने भारत के लिए टी-20 डेब्यू किया। भारत के लिए खेले 4 वनडे में उन्होंने 6 विकेट लिए वहीं 2 टी-20 में 3 विकेट मिले थे। इसके बाद भी उन्हें फिर भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। 2014 के बाद से उन्होंने कोई आईपीएल यह घरेलू मैच नहीं खेला है।
गुरकीरत सिंह मान
2016 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए कई खिलाड़ियों ने डेब्यू किया था। इसमें गुरकीरत सिंह मान का नाम भी शामिल है। उन्होंने मेलबर्न वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। उसी सीरीज में 3 मैच खेलने के बाद उन्हें भारत के लिए फिर खेलने का मौका नहीं मिला। 3 मैचों में मान ने 13 रन बनाए वहीं गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं मिला।
आईपीएल में वह अभी आरसीबी का हिस्सा हैं वहीं पंजाब के लिए घरेलू मैच खेल रहे हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है। यही वजह है कि आईपीएल में भी उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिलता है। पंजाब के लिए वह लगातार खेल रहे हैं लेकिन भारतीय चयनकर्ताओं की सोच दूर हो चुके हैं।
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